डोटासरा ने कहा कि अभी तक विश्वेंद्र सिंह की ओर से पार्टी को कोई आधिकारिक लिखित शिकायत या पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया और मीडिया में चल रही बातों के आधार पर पार्टी कोई आधिकारिक निष्कर्ष नहीं निकालेगी। यदि लिखित रूप में कोई आपत्ति आती है तो उस पर चर्चा की जाएगी और जरूरत पड़ने पर कमेटी या अनुशासन समिति के स्तर पर भी विचार किया जाएगा।
डोटासरा ने विश्वेंद्र सिंह के साथ अपने पुराने संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि वे उनसे स्नेह रखते हैं और उनका आशीर्वाद रहा है। उन्होंने बताया कि मंत्री रहने के दौरान विश्वेंद्र सिंह उनके कमरे में भी आते थे, हालांकि पिछले करीब ढाई वर्षों से दोनों के बीच संवाद नहीं हो सका।
डोटासरा ने कहा कि उनके परिवार पर लगाए जाने वाले आरोपों को लेकर भी पार्टी तथ्यों के आधार पर ही आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि यदि कोई मामला लिखित रूप में सामने आता है तो उसकी जांच के लिए कमेटी बनाई जा सकती है। अनुशासन से जुड़ा विषय होने पर अनुशासन समिति उस पर विचार करेगी। पार्टी की रिपोर्ट AICC को भेजे जाने की बात भी उन्होंने कही।
विश्वेंद्र सिंह ने 2 अक्टूबर को कांग्रेस से इस्तीफे का ऐलान किया था। इससे पहले उन्होंने प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व, निकाय चुनाव में टिकट वितरण और अन्य मुद्दों को लेकर सार्वजनिक रूप से सवाल उठाए थे। उनके आरोपों और पार्टी की ओर से दिए गए जवाबों को संबंधित पक्षों के दावों के रूप में देखा जाना चाहिए।
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