अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की री-नीट यूजी परीक्षा के पेपर उपलब्ध कराने के नाम पर देशभर में चल रही एक बड़े साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह छात्रों और अभिभावकों को टेलीग्राम पर बनाए गए फर्जी चैनलों के जरिए परीक्षा का पेपर उपलब्ध कराने का झांसा देता था और इसके बदले 15 हजार से 80 हजार रुपये तक एडवांस वसूलता था। पैसे मिलते ही आरोपी संपर्क तोड़ देते थे और किसी भी प्रकार की परीक्षा सामग्री उपलब्ध नहीं कराते थे।
इस मामले में राजस्थान के जयपुर और कोटा से दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें कोटा के कुन्हाड़ी क्षेत्र में रहने वाला आकाश मीणा शामिल है, जिसे कोटा से पकड़ा गया, जबकि दूसरा आरोपी सुमेर सिंह मीणा जयपुर के महेशनगर क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा बिहार से एक अन्य आरोपी को भी गिरफ्तार किया गया है, जो रिफंड के नाम पर ठगी कर रहा था। इसने एनटीए की वेबसाइट की तकनीकी खामियों का फायदा उठाकर लगभग 150 छात्रों की रिफंड राशि अपने बैंक खाते में ट्रांसफर कर ली थी।
जांच में सामने आया है कि यह गिरोह पिछले लगभग एक वर्ष से सक्रिय था और टेलीग्राम पर आठ फर्जी चैनल बनाकर ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहा था। अब तक की जांच में करीब 1500 से अधिक विद्यार्थियों और अभिभावकों से ठगी किए जाने तथा लगभग डेढ़ करोड़ रुपये के लेन-देन का खुलासा हुआ है। पुलिस को शक है कि इस गिरोह के तार बड़े पेपर लीक नेटवर्क से भी जुड़े हो सकते हैं, जिसकी गहन जांच जारी है और अन्य आरोपियों की तलाश में देशभर में छापेमारी की जा रही है।
साइबर क्राइम ब्रांच ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध लिंक, चैनल या व्यक्ति पर भरोसा न करें और केवल NTA की आधिकारिक वेबसाइट व सूचना स्रोतों से ही जानकारी प्राप्त करें। साथ ही राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 और जयपुर रेंज हेल्पलाइन 8764514102 पर किसी भी साइबर ठगी की शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है।
एनटीए ने स्पष्ट किया है कि 21 जून को होने वाली री-नीट परीक्षा में 3 मई का पुराना एडमिट कार्ड मान्य नहीं होगा और सभी अभ्यर्थियों को नया एडमिट कार्ड डाउनलोड कर परीक्षा केंद्र पर ले जाना अनिवार्य होगा। परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित की जाएगी।
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