अमेरिका-ईरान जंग का सीधा असर! सोना ₹7,000 उछला, 10 ग्राम ₹1.66 लाख पार — चांदी भी ₹20,000 चढ़ी

नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में अमेरिका-ईरान जंग जैसे हालात ने वैश्विक बाजारों में हड़कंप मचा दिया है। इसका सीधा असर भारतीय सर्राफा बाजार पर भी देखने को मिल रहा है। आज 2 मार्च को सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया है।

इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 24 कैरेट सोने की कीमत में 7,000 रुपए की भारी तेजी आई है। अब 10 ग्राम सोना 1.66 लाख रुपए पर पहुंच गया है, जो पहले 1.59 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम था।

वहीं चांदी की बात करें तो एक किलो चांदी की कीमत में 20,000 रुपए की तेज बढ़ोतरी हुई है। अब चांदी 2.87 लाख रुपए प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गई है, जो पहले 2.67 लाख रुपए थी।

क्यों बढ़ रहे हैं सोने-चांदी के दाम?

युद्ध जैसे अनिश्चित हालात में निवेशक शेयर बाजार से पैसा निकालकर सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख करते हैं। सोना और चांदी को पारंपरिक रूप से “सेफ हेवन” यानी सुरक्षित निवेश माना जाता है।

कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के मुताबिक, मौजूदा हालात जारी रहे तो सोना 1.90 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है। वहीं चांदी 3.50 लाख रुपए प्रति किलो का स्तर छू सकती है।

तेजी के 3 बड़े कारण

1. वैश्विक तनाव:
मिडिल ईस्ट में अमेरिका-ईरान टकराव और रूस-यूक्रेन वार्ता में असफलता से वैश्विक अनिश्चितता बढ़ी है। निवेशक जोखिम भरे एसेट्स से दूरी बना रहे हैं।

2. फेड रेट कट की उम्मीद:
अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा इस साल ब्याज दरों में कटौती के संकेत दिए गए हैं। जब ब्याज दरें कम होती हैं तो सोने की मांग बढ़ती है, क्योंकि यह ब्याज नहीं देता लेकिन सुरक्षित रहता है।

3. गिरावट के बाद सस्ती खरीदारी:
पिछले दिनों सोने और चांदी में बड़ी गिरावट आई थी। इस दौरान निवेशकों और ज्वेलर्स ने सस्ते दाम पर खरीदारी की, जिससे मांग बढ़ी और कीमतें उछल गईं।

इस साल कितनी महंगी हुई कीमती धातुएं?

साल 2026 की शुरुआत में सोना 1.33 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम पर था। अब यह 1.66 लाख रुपए तक पहुंच चुका है। यानी इस साल अब तक करीब 33,000 रुपए की तेजी दर्ज की गई है।

चांदी भी पीछे नहीं है। पिछले साल के अंत में चांदी 2.31 लाख रुपए प्रति किलो के आसपास थी, जो अब 2.87 लाख रुपए तक पहुंच चुकी है। यानी लगभग 56,000 रुपए की बढ़त हो चुकी है।

निवेशकों के लिए क्या है संकेत?

विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक तनाव कम नहीं होता, सोने-चांदी में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह समय रणनीतिक निवेश का हो सकता है, लेकिन शॉर्ट टर्म में जोखिम भी बना रहेगा।

सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान

1. BIS हॉलमार्क जरूर देखें:
हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सोना खरीदें। हॉलमार्क का अल्फान्यूमेरिक कोड सोने की शुद्धता दर्शाता है।

2. कीमत क्रॉस चेक करें:
खरीदारी से पहले IBJA जैसी विश्वसनीय वेबसाइट से उस दिन का रेट जरूर जांच लें। 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के भाव अलग-अलग होते हैं।

असली चांदी की पहचान कैसे करें?

  1. मैग्नेट टेस्ट: असली चांदी चुंबक से नहीं चिपकती।

  2. आइस टेस्ट: चांदी पर रखी बर्फ तेजी से पिघलती है।

  3. स्मेल टेस्ट: असली चांदी में गंध नहीं होती।

  4. क्लॉथ टेस्ट: सफेद कपड़े से रगड़ने पर काला निशान आए तो असली होने की संभावना ज्यादा होती है।


निष्कर्ष

अमेरिका-ईरान जंग जैसे हालात ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि संकट के समय सोना और चांदी निवेशकों की पहली पसंद बन जाते हैं। मौजूदा तेजी निवेशकों के लिए अवसर और जोखिम दोनों लेकर आई है। ऐसे में निवेश से पहले बाजार की स्थिति, वैश्विक संकेत और विशेषज्ञों की राय जरूर देखें।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

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