आधी रात भड़की आग का कहर! छप्पर में जिंदा जलीं 5 बकरियां, दंपती ने भागकर बचाई जान

दौसा: जिले के लालसोट क्षेत्र में एक दर्दनाक अग्निकांड ने ग्रामीण जीवन की कठिन सच्चाई को उजागर कर दिया। बाढ़ प्रेमपुरा गांव में बीती रात एक छप्परपोश में अचानक आग लग गई, जिससे पांच बकरियां जिंदा जल गईं, जबकि अंदर सो रहे बुजुर्ग दंपती ने किसी तरह अपनी जान बचाई।

यह घटना तड़के करीब 3 बजे की है, जब गांव के अधिकतर लोग गहरी नींद में थे। अचानक उठी आग की लपटों ने कुछ ही मिनटों में पूरे छप्पर को अपनी चपेट में ले लिया।

आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं

पुलिस के अनुसार, 70 वर्षीय मेवा राम मीना के छप्पर में यह आग अज्ञात कारणों से लगी। छप्पर सूखी घास और लकड़ी से बना होने के कारण आग तेजी से फैल गई।

हालांकि, प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट या चिंगारी को कारण माना जा रहा है, लेकिन वास्तविक वजह की जांच अभी जारी है।

बकरियां नहीं बच सकीं

छप्पर के अंदर पांच बकरियां बंधी हुई थीं। आग इतनी तेज थी कि उन्हें बाहर निकालने का मौका ही नहीं मिल पाया। सभी बकरियां जिंदा जल गईं, जिससे परिवार को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।

ग्रामीणों के मुताबिक, ये बकरियां परिवार की आय का मुख्य साधन थीं।

दंपती ने बचाई अपनी जान

जब आग लगी, उस समय मेवा राम मीना और उनकी पत्नी छप्पर के अंदर ही सो रहे थे। आग की गर्मी और धुएं का अहसास होते ही वे तुरंत बाहर भागे और अपनी जान बचाई।

अगर कुछ देर और हो जाती, तो यह हादसा और भी गंभीर हो सकता था।

ग्रामीणों ने मिलकर बुझाई आग

घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पानी डालकर आग पर काबू पाया।

पुलिस भी मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। मृत बकरियों का पशु चिकित्सक द्वारा पोस्टमार्टम कराया गया है।

लाखों का नुकसान

इस अग्निकांड में पीड़ित परिवार को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। छप्पर के साथ-साथ उसमें रखा सामान भी जलकर राख हो गया।

मौके पर पहुंचे पटवारी ने रिपोर्ट तैयार की और परिवार को सरकारी सहायता दिलाने का आश्वासन दिया है।

ग्रामीण क्षेत्रों में आग का खतरा

ग्रामीण इलाकों में छप्परपोश घरों में आग लगने की घटनाएं आम हैं। सूखी घास, लकड़ी और खुले में बिजली के तार ऐसे हादसों का कारण बनते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि गांवों में अग्नि सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने और सुरक्षित निर्माण की आवश्यकता है।


निष्कर्ष

लालसोट के बाढ़ प्रेमपुरा गांव में हुआ यह हादसा बेहद दुखद है। जहां एक ओर दंपती की जान बच गई, वहीं उनकी आजीविका का बड़ा हिस्सा आग में खत्म हो गया।

अब जरूरत है कि प्रशासन जल्द से जल्द पीड़ित परिवार को सहायता प्रदान करे और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

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